Thank You so much for landing here, and giving your precious time to read my blog.
Your comments will appreciate me more, so feel free to drop your views on my post :)

Search Books

Tuesday, 21 January 2014

:) :)

हो सुहानी सी सुबह 
और महकती ज़िन्दगी 
कोयल के गीतो कि तरह 
गुनगुनाती रहे हर ख़ुशी 

हो धुप अगर मुश्किलो कि 
तो रास्ते बनाउ में 
और फिर अनजाने मोड़ पर 
तू मिल जाये कही 

बस यूँ ही चलते रहे हम 
साथ उम्र भर 
और हो हर कदम 
एक दूसरे के लिए 

....अब तुम ही मंज़िल हो 
तुम ही रास्ता ....
रंगीन हे सारा जहाँ 
जो चलते-चलते मैंने तुम्हे पा लिया .... :) :)

~ नूपुर ~

1 comment:

  1. I certainly agree to some points that you have discussed on this post. I appreciate that you have shared some reliable tips on this review.

    ReplyDelete